News18:
देहरादून: Saturday, 11 April 2015.
आरटीआई
के प्रति अब ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी जागरूक हो रहे हैं. राज्य सूचना आयोग में
ग्राम प्रधानों के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग अपील भी कर रहे हैं. पिछले चालीस
दिनों में राज्य सूचना आयोग ने कई ग्राम प्रधानों पर आरटीआई का उल्लंघन करने पर
जुर्माना भी लगाया है.
सूचना
का अधिकार लोगों को हक़ दिलाने के लिये हथियार के रूप मे साबित हो रहा है. गांव के
लोग भी इस कानून का उपयोग कर रहे हैं और बड़ी संख्या में आऱटीआई के तहत आवेदन कर
रहे हैं. राज्य सूचना आयोग ने ऐसे ही एक मामले में आरटीआई एक्ट का उल्लंघन करने पर
दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है.
देहरादून
के पोस्ट लांघा के गांव पसौली में रहने वाले बिरेन्द्र सिंह ने आरटीआई के जरिये
लोक सूचना अधिकारी ग्राम प्रधान से 11 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी, लेकिन समय पर सूचना नहीं दी गई. प्रथम अपील के बाद भी
जब सूचना नहीं मिली तो राज्य सूचना आयोग की शरण ली गई.
राज्य
सूचना आयुक्त अनिल कुमार शर्मा ने लोक सूचना अधिकारी को नोटिस जारी किया. आयोग को
बताया गया कि पूर्व प्रधान ने आधे-अधूरे कागजात रखे थे इसलिये सूचना देने में देरी
हुई. आय़ोग ने इस तर्क को नकार दिया और जिलाधिकारी दून को आदेश दिया है कि ग्राम
प्रधान या ग्राम विकास अधिकारी दोनों में से जिसकी जिम्मेदारी हो उसके खिलाफ दस
हजार रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किये जाएं.
राज्य
सूचना आय़ोग ने मार्च में भी ऐसे ही एक मामले में रायपुर ग्राम सभा के प्रधान पर
जुर्माना लगाया था. राज्य सूचना आयुक्त अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि आयोग ऐसी
शिकायतों को गंभीरता से लेता है और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में
आरटीआई के जरिये सूचना मांग रहे हैं.