ETV Bharat: Bhopal: Monday, 14th September 2026.
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह की करतूतों की खुलने लगीं परतें. पुलिस जांच में डेढ़ करोड़ की ठगी का खुला राज. आबिद मुमताज की रिपोर्ट.
खुद को आईएएस अफसर बताकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में
बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया है कि तृप्ति सिंह ने सरकारी अफसर
का रौब दिखाकर बेरोजगारों और अन्य लोगों से कथित तौर पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की
ठगी की है. अब तक 13 लोगों से ठगी की जानकारी सामने आई है.
खास बात यह है कि तृप्ति सिंह के फर्जी आईएएस होने का राज उसके ससुर की आरटीआई से खुला. ससुर को उसकी पहचान और अफसर होने के दावों पर शक हुआ था, जिसके बाद उन्होंने मसूरी स्थित अकादमी से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी. अकादमी से मिले जवाब के बाद तृप्ति के फर्जी आईएएस होने का खुलासा हुआ. तृप्ति सिंह को पुलिस ने अशोकनगर से गिरफ्तार किया था.
तृप्ति के ससुर की आरटीआई से खुलासा
भोपाल में फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. तृप्ति ने एक बिल्डर के बेटे से खुद को आईएएस बताकर शादी की थी. जब उसके ससुराल वालों को शक हुआ तो उसके ससुर ने मसूरी स्थित अकादमी से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी थी. अकादमी के जवाब से साफ हो गया कि इस नाम की कोई महिला ने वहां ट्रेनिंग पर नहीं की.
13 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप
तृप्ति सिंह पर प्रशासनिक महकमे की फर्जी धाक दिखाकर कई लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने का आरोप लगा है. वह किराये की गाड़ी पर नेम प्लेट लगाकर चलती थी. सरकारी कार्यालयों के निरीक्षण के साथ बेरोजगारों को नौकरी का झांसा, कोचिंग सेंटर में क्लास लेकर मोटी फीस वसूलने समेत कई आरोप हैं.
एसीपी डॉ रजनीश कश्यप ने बताया, "13 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप सामने आया है. जांच के मुताबिक तृप्ति सिंह ने खुद को पर्यटन विभाग की अतिरिक्त संचालक बताकर लोगों पर प्रभाव जमाया. उसने सरकारी अफसर की तरह पूरा सेटअप तैयार कर रखा था. जांच के दौरान उसके पास से नकली लेटरहेड, आईडी, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और ट्रेनिंग किट जैसे दस्तावेज बरामद किए गए.
उसके सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. पीड़ितों के बयानों को भी आधार बनाया गया है. सभी आरोपियों के नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है. अभी जांच में और बहुत चीजें सामने आना बाकी हैं. भोपाल और अशोकनगर की चंदेरी पुलिस अलग-अलग जांच कर रही है."
गोविंदपुरा एसडीएम बनने के लिए UPSC लिस्ट में छेड़छाड़
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. आरोप है कि तृप्ति सिंह ने गोविंदपुरा एसडीएम बनने के लिए 2025 की सिविल सर्विसेज (UPSC) की फाइनल लिस्ट में छेड़छाड़ की थी. उसने 2025 की सिविल सर्विसेज फाइनल लिस्ट में छेड़छाड़ करके दूसरे अभ्यर्थी की जगह अपना नाम लिस्ट में डाल लिया था. पुलिस को इससे संबंधित दस्तावेज हाथ लगे हैं. तृत्पी सिंह ने गोविंदपुरा एसडीएम बनने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे.सरकारी कार्यालय का निरीक्षण का वीडियो आया सामने
तृप्ति सिंह राजपूत खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करती थी. वीडियो में तृप्ति एक सरकारी दफ्तर में कर्मचारियों से उनके सरकारी कामकाज के बारे में जानकारी लेती नजर आ रही है. तृप्ति सिंह राजपूत खुद को अफसर बताकर स्थानीय थाने से प्रोटोकॉल लेती थी.
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह की करतूतों की खुलने लगीं परतें. पुलिस जांच में डेढ़ करोड़ की ठगी का खुला राज. आबिद मुमताज की रिपोर्ट.
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| फर्जी IAS तृप्ति सिंह मामले में बड़ा खुलासा (ETV Bharat) |
खास बात यह है कि तृप्ति सिंह के फर्जी आईएएस होने का राज उसके ससुर की आरटीआई से खुला. ससुर को उसकी पहचान और अफसर होने के दावों पर शक हुआ था, जिसके बाद उन्होंने मसूरी स्थित अकादमी से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी. अकादमी से मिले जवाब के बाद तृप्ति के फर्जी आईएएस होने का खुलासा हुआ. तृप्ति सिंह को पुलिस ने अशोकनगर से गिरफ्तार किया था.
तृप्ति के ससुर की आरटीआई से खुलासा
भोपाल में फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. तृप्ति ने एक बिल्डर के बेटे से खुद को आईएएस बताकर शादी की थी. जब उसके ससुराल वालों को शक हुआ तो उसके ससुर ने मसूरी स्थित अकादमी से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी थी. अकादमी के जवाब से साफ हो गया कि इस नाम की कोई महिला ने वहां ट्रेनिंग पर नहीं की.
13 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप
तृप्ति सिंह पर प्रशासनिक महकमे की फर्जी धाक दिखाकर कई लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने का आरोप लगा है. वह किराये की गाड़ी पर नेम प्लेट लगाकर चलती थी. सरकारी कार्यालयों के निरीक्षण के साथ बेरोजगारों को नौकरी का झांसा, कोचिंग सेंटर में क्लास लेकर मोटी फीस वसूलने समेत कई आरोप हैं.
एसीपी डॉ रजनीश कश्यप ने बताया, "13 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी का आरोप सामने आया है. जांच के मुताबिक तृप्ति सिंह ने खुद को पर्यटन विभाग की अतिरिक्त संचालक बताकर लोगों पर प्रभाव जमाया. उसने सरकारी अफसर की तरह पूरा सेटअप तैयार कर रखा था. जांच के दौरान उसके पास से नकली लेटरहेड, आईडी, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और ट्रेनिंग किट जैसे दस्तावेज बरामद किए गए.
उसके सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. पीड़ितों के बयानों को भी आधार बनाया गया है. सभी आरोपियों के नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है. अभी जांच में और बहुत चीजें सामने आना बाकी हैं. भोपाल और अशोकनगर की चंदेरी पुलिस अलग-अलग जांच कर रही है."
गोविंदपुरा एसडीएम बनने के लिए UPSC लिस्ट में छेड़छाड़
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. आरोप है कि तृप्ति सिंह ने गोविंदपुरा एसडीएम बनने के लिए 2025 की सिविल सर्विसेज (UPSC) की फाइनल लिस्ट में छेड़छाड़ की थी. उसने 2025 की सिविल सर्विसेज फाइनल लिस्ट में छेड़छाड़ करके दूसरे अभ्यर्थी की जगह अपना नाम लिस्ट में डाल लिया था. पुलिस को इससे संबंधित दस्तावेज हाथ लगे हैं. तृत्पी सिंह ने गोविंदपुरा एसडीएम बनने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे.सरकारी कार्यालय का निरीक्षण का वीडियो आया सामने
तृप्ति सिंह राजपूत खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करती थी. वीडियो में तृप्ति एक सरकारी दफ्तर में कर्मचारियों से उनके सरकारी कामकाज के बारे में जानकारी लेती नजर आ रही है. तृप्ति सिंह राजपूत खुद को अफसर बताकर स्थानीय थाने से प्रोटोकॉल लेती थी.










