दैनिक भास्कर: नागपुर: Monday, June 24, 2013.
शहर
में झपटमारी की घटनाएं भले ही लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है, लेकिन इस मामले में बाजारपेठ सुरक्षित हैं। शहर पुलिस
के अनुसार, महल क्षेत्र छोड़कर शहर के
अन्य बाजार पेठ में इस तरह की घटनाएं नहीं हो रही है। सूचना क्रांति के बाद साइबर
अपराध बढ़े हैं। एसएमएस या एमएमएस के माध्यम से ब्लैकमेलिंग की शिकायतें भी अक्सर सुनने को मिलती है, लेकिन पुलिस के रिकार्ड के अनुसार, शहर में इस तरह का अपराध कम है। एसएमएस के गिने-चुने
मामले ही थाने तक पहुंच पाते हैं।
सामाजिक
कार्यकर्ता अभय कोलारकर ने सूचना अधिकार के तहत अपराध के मामले में शहर पुलिस से
जानकारी ली है। पुलिस ने दर्ज प्रकरणों के आधार पर जानकारी दी है, उसमें कई नए तथ्य सामने आए हैं। 2010 से मार्च 2013 तक का रिकार्ड देखा जाए तो
झपटमारी जैसे मामलों में शहर के व्यापारिक क्षेत्र सुरक्षित हैं।
धरमपेठ
मुख्य बाजार, बर्डी मेन रोड बाजार, सदर मेन रोड बाजार में 3 वर्ष में इस तरह का कोई मामला पुलिस थाने तक नहीं
पहुंचा। जेब कटी, चोरी की घटनाएं भी इन क्षेत्रों
में नहीं हुई। महल बाजार क्षेत्र में झपटमारी की कुछ घटनाएं तो हुई, लेकिन किसी का जेब नहीं कटा।
पुलिस
के अनुसार, 15 वर्ष से कम उम्र के गुमशुदा
या अपहृत बालक-बालिकाओं को ढूंढ निकालने में भी पुलिस को सफलता मिली है। 2010 में शहर में 372 बच्चे लापता हुए, उनमें से 346 पकड़े गए। 2011 में 336 में से 315 लापता बच्चों को सुरक्षित घर लौटाया गया। पिछले वर्ष
388 में से 340 बच्चों को वापस पा लिया गया।
इस वर्ष मार्च तक 154 बच्चे लापता हुए, उनमें से 124 को वापस लौटाया गया।
गांधीसागर
उद्यान सुरक्षित:
पुलिस
रिकार्ड के तथ्यों के अनुसार,
अश्लीलता के मामले में
गांधीसागर उद्यान सुरक्षित है। 3 वर्ष में शहर पुलिस ने
विभिन्न उद्यानों के साथ गांधीसागर उद्यान की भी तलाशी ली। वहां कोई युगल इस तरह
की हरकत करते नहीं मिला। गोरेवाडा जंगल में भी ऐसी गतिविधि नहीं पायी गई। धरमपेठ
का ट्राफिक पार्क भी सुरक्षित व मर्यादित है। सेमिनरी हिल्स व फुटाला तालाब व
परिसर में ही इस तरह की गतिविधियां पायी गई। फुटाला तालाब परिसर में 2011 में सबसे अधिक 137
युवक-युवतियों को पकड़ा गया था। इस वर्ष मार्च तक किसी भी उद्यान में धरपकड़ नहीं
हुई।
सट्टा:
क्रिकेट
सट्टा के मामले में इस वर्ष पुलिस ने अधिक धरपकड़ की है। शुरुआती 3 माह में क्रिकेट सट्टा के 19 प्रकरण दर्ज किए गए। 39
आरोपियों को पकड़ा गया। 2011 में वर्ष भर में केवल 13 प्रकरण दर्ज हो पाए थे। 19 आरोपियों को पकड़ा गया था। पिछले वर्ष 25 प्रकरण दर्ज किए गए। 71
आरोपियों को पकड़ा गया था। आत्महत्या के मामले में गांधीसागर की स्थिति चिंतनीय
है। रोकथाम की उपाय योजनाओं के बाद भी यहां आत्महत्या करनेवालों की संख्या बढ़ रही
है।
क्रिकेट
सट्टा के मामले में इस वर्ष पुलिस ने अधिक धरपकड़ की है। शुरुआती 3 माह में क्रिकेट सट्टा के 19 प्रकरण दर्ज किए गए। 39 आरोपियों
को पकड़ा गया। 2011 में वर्ष भर में केवल 13 प्रकरण दर्ज हो पाए थे। 19 आरोपियों को पकड़ा गया था। पिछले वर्ष 25 प्रकरण दर्ज किए गए। 71 आरोपियों
को पकड़ा गया था। आत्महत्या के मामले में गांधीसागर की स्थिति चिंतनीय है। रोकथाम
की उपाय योजनाओं के बाद भी यहां आत्महत्या करनेवालों की संख्या बढ़ रही है।