Jagran: Ranchi: Saturday, 25 July 2026.
रांची विश्वविद्यालय के कॉलेजों में अब नामांकन लेने वाले छात्रों को प्रथम क्लास से ही आरटीआई की जानकारी दी जाएगी। राज्य सूचना आयोग के निर्देशानुसार, कॉलेजों को वेबसाइट पर पूरी जानकारी देनी होगी और पीआईओ नियुक्त करने होंगे।
रांची विश्वविद्यालय के कॉलेजों में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों को अब
आरटीआई की जानकारी प्रथम क्लास से प्रदान की जाएगी। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि
राज्य सूचना आयोग का ये निर्देश है।
नए सत्र के विद्यार्थियों को इसकी जानकारी के साथ सूचना अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित सारी सूचना उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा कॉलेजों को अपने वेबसाइट पर भी पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। राज्य सूचना आयोग की ओर से इसके अलावा कई और निर्देश कॉलेजों और विश्वविद्यालय को दिया गया है। जिसको कॉलेजों को इस सत्र से लागू करना होगा।
कॉलेजों को वेबसाइट पर देनी होगी पूरी जानकारी:
यही नहीं कॉलेजों ओर विश्वविद्यालय को अपने वेबसाइट पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की पूरी जानकारी प्रदान करनी होगी। इसमें बताना
होगा कि क्या नियम है और इससे सूचना कैसे प्राप्त की जा सकती है।
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने बताया कि आरटीआई की जानकारी केवल उन्हीं छात्रों को रहती है, जिनको इस अधिनियम से सूचना प्राप्त करनी है। इसके अलावा कॉलेजों के विद्यार्थियों को ये पता नहीं होता है कि सूचना का अधिकार अधिनियम क्या है, इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
इसलिए कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वो नामांकन के समय ही विद्यार्थियों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। इसलिए कहा गया है कि कॉलेज अपने वेबसाइट पर आरटीआई से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय की ओर से आरटीआई से संबंधित एक हैंडबुक भी वेबसाइट पर पब्लिश किया जाएगा।
हेल्प डेस्क से दी जाएगी आरटीआई की जानकारी:
विश्वविद्यालय स्तर पर समर्पित आरटीआई पोर्टल विकसित किया जाएगा, वहीं प्रत्येक कॉलेज में
आरटीआई हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा और परिसर एवं वेबसाइट पर नो योर राइट टू
इनफॉर्मेशन शीर्षक से स्थायी सूचना प्रदर्शित की जाएगी।
वहीं अब उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोक सूचना पदाधिकारी (पीआइओ) एवं महाविद्यालयों को वार्षिक आरटीआई कंप्लायंस अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा। जिससे पीआईओ प्रोत्साहित हो और इस अधिनियम की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंच सके।
कॉलेजों में भी बनाए जाएंगे पीआईओ:
इसके अलावा रांची विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में अब पीआइओ की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान
में रांची विश्वविद्यालय के एक से दो कॉलेजों को छोड़कर किसी में भी पब्लिक इनफॉर्मेंशन ऑफिसर नियुक्त
नहीं किया गया है। इसलिए राज्य सूचना आयोग का निर्देश है कि सभी कॉलेजों में जल्द
से जल्द पीआईओ की नियुक्ति की जाए।
रांची विश्वविद्यालय के कॉलेजों में अब नामांकन लेने वाले छात्रों को प्रथम क्लास से ही आरटीआई की जानकारी दी जाएगी। राज्य सूचना आयोग के निर्देशानुसार, कॉलेजों को वेबसाइट पर पूरी जानकारी देनी होगी और पीआईओ नियुक्त करने होंगे।
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नामांकन के समय छात्रों को मिलेगी आरटीआई की जानकारी। जागरण |
नए सत्र के विद्यार्थियों को इसकी जानकारी के साथ सूचना अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित सारी सूचना उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा कॉलेजों को अपने वेबसाइट पर भी पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। राज्य सूचना आयोग की ओर से इसके अलावा कई और निर्देश कॉलेजों और विश्वविद्यालय को दिया गया है। जिसको कॉलेजों को इस सत्र से लागू करना होगा।
कॉलेजों को वेबसाइट पर देनी होगी पूरी जानकारी:
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने बताया कि आरटीआई की जानकारी केवल उन्हीं छात्रों को रहती है, जिनको इस अधिनियम से सूचना प्राप्त करनी है। इसके अलावा कॉलेजों के विद्यार्थियों को ये पता नहीं होता है कि सूचना का अधिकार अधिनियम क्या है, इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
इसलिए कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वो नामांकन के समय ही विद्यार्थियों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। इसलिए कहा गया है कि कॉलेज अपने वेबसाइट पर आरटीआई से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय की ओर से आरटीआई से संबंधित एक हैंडबुक भी वेबसाइट पर पब्लिश किया जाएगा।
हेल्प डेस्क से दी जाएगी आरटीआई की जानकारी:
वहीं अब उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोक सूचना पदाधिकारी (पीआइओ) एवं महाविद्यालयों को वार्षिक आरटीआई कंप्लायंस अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा। जिससे पीआईओ प्रोत्साहित हो और इस अधिनियम की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंच सके।
कॉलेजों में भी बनाए जाएंगे पीआईओ:
