Thursday, April 09, 2026

आरटीआई में छूट प्रावधान का उल्लेख करना काफी नहीं : सी.आई.सी.

Hindustan: New Delhi: Thursday, 9th April 2026.
केंद्रीय सूचना आयोग (सी
.आई.सी.) ने कहा है कि आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी देने से मना करते समय केवल धारा 8(1) का उल्लेख करना पर्याप्त नहीं है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि छूट का मतलब इस तरह से नहीं निकाला जाना चाहिए जिससे अधिकार पर ही असर पड़े। सी.आई.सी. ने कहा कि जानकारी देने से मना करने को सही ठहराना सार्वजनिक प्राधिकार की जिम्मेदारी है और सिर्फ छूट के प्रावधान का जिक्र करना काफी नहीं है।
ये बातें कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के खिलाफ एक अपील पर फैसला करते समय कही गईं, जहां एक आवेदक ने एक कॉर्पोरेट निकाय की जांच के दौरान दर्ज किए गए अपने ही शपथ वक्तव्य की प्रति मांगी थी।
केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सी.पी.आई..) ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(एच) के तहत इस अनुरोध को स्वीकार करने से मना कर दिया। हालांकि, सी.आई.सी. ने पाया कि बिना किसी वजह के इनकार किया गया था। उसने यह भी कहा कि इस बारे में कोई सफाई नहीं दी गई कि जानकारी देने से जांच में कैसे रुकावट आएगी। बता दें कि आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 8(1) सूचना देने से छूट से संबंधित है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता, निजता और जांच प्रक्रियाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कुछ जानकारियों को साझा करने से रोकती है।