Amar Ujala: Jabalpur: Monday, 02 February 2026.
आरटीआई के तहत बीपीएल कार्डधारी से चार लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। राज्य मानव अधिकार आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए जबलपुर कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए। कानून के अनुसार बीपीएल हितग्राहियों को सूचना निशुल्क देना अनिवार्य है।
सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने बीपीएल कार्ड धारक से चार लाख रुपये की मांग की गई। जिसे गंभीरता से लेते हुए राज्य मानव अधिकार आयोग ने जिला कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सूचना के अधिकार के तहत बीपीएल कार्डधारियों को निशुल्क जानकारी प्रदान करने का प्रावधान है।
लॉ छात्र अमन वंशकार ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के नगर वृत उत्तर संभाग जबलपुर के अंतर्गत आने वाले मानेगांव पिपरिया डीसी में पदस्थ नियमित तथा आउट सोर्स कर्मचारी तथा पंजीकृत उपभोक्ता की प्रमाणित प्रति सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। आवेदक ने बीपीएल परिवार का सदस्य होने का स्पष्ट लेख एवं प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत किए थे।
विभागीय सूचना अधिकारी व सहायक अभियंता ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने के लिए चार लाख आठ सौ पचास रुपये जमा करने के लिए लिखित रूप से कहा गया। इस संबंध में आवेदन ने राज्य मानव अधिकार आयोग से शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि सूचना के अधिकार 2005 की धारा 7 5 में प्रावधान है कि बीपीएल परिवार के सदस्य से बीपीएल परिवार के सदस्य को सूचना व आवेदन शुल्क देय नहीं होगा। आवेदन में स्पष्ट लेख तथा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के बावजूद भी उससे जानकारी प्रदान करने चार लाख रुपये की लिखित में मांग की गई है। राज्य मानव अधिकार आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जबलपुर को कार्रवाई कर निराकरण करने निर्देश जारी किए हैं।
आरटीआई के तहत बीपीएल कार्डधारी से चार लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। राज्य मानव अधिकार आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए जबलपुर कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए। कानून के अनुसार बीपीएल हितग्राहियों को सूचना निशुल्क देना अनिवार्य है।
सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने बीपीएल कार्ड धारक से चार लाख रुपये की मांग की गई। जिसे गंभीरता से लेते हुए राज्य मानव अधिकार आयोग ने जिला कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सूचना के अधिकार के तहत बीपीएल कार्डधारियों को निशुल्क जानकारी प्रदान करने का प्रावधान है।
लॉ छात्र अमन वंशकार ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के नगर वृत उत्तर संभाग जबलपुर के अंतर्गत आने वाले मानेगांव पिपरिया डीसी में पदस्थ नियमित तथा आउट सोर्स कर्मचारी तथा पंजीकृत उपभोक्ता की प्रमाणित प्रति सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। आवेदक ने बीपीएल परिवार का सदस्य होने का स्पष्ट लेख एवं प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत किए थे।
विभागीय सूचना अधिकारी व सहायक अभियंता ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने के लिए चार लाख आठ सौ पचास रुपये जमा करने के लिए लिखित रूप से कहा गया। इस संबंध में आवेदन ने राज्य मानव अधिकार आयोग से शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि सूचना के अधिकार 2005 की धारा 7 5 में प्रावधान है कि बीपीएल परिवार के सदस्य से बीपीएल परिवार के सदस्य को सूचना व आवेदन शुल्क देय नहीं होगा। आवेदन में स्पष्ट लेख तथा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के बावजूद भी उससे जानकारी प्रदान करने चार लाख रुपये की लिखित में मांग की गई है। राज्य मानव अधिकार आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जबलपुर को कार्रवाई कर निराकरण करने निर्देश जारी किए हैं।
