Monday, January 26, 2026

RTI के दुरुपयोग पर बड़ा एक्शन, राज्य सूचना आयोग ने 1007 अपीलें एक साथ खारिज कीं : अपूर्वा नायक

Navbharat: Maharashtra: Monday, January 26, 2026.
आरटीआई कानून के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सूचना आयोग की नाशिक खंडपीठ ने एक RTI कार्यकर्ता की 1007 द्वितीय अपीलें खारिज कर दीं और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सूचना का अधिकार कानून के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य सूचना आयोग की नाशिक खंडपीठ ने एक आरटीआई कार्यकर्ता की एक साथ
1007 अपीलें खारिज करते हुए इस प्रवृत्ति पर बड़ा प्रहार किया है।
राज्य सूचना आयोग द्वारा एक साथ इतनी द्वितीय अपीलें खारिज करना यह पहला मौका है। आयोग ने अपीलें खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई पर विचार करने की चेतावनी भी दी है। बीड के वकील केशव निंबालकर ने राज्य सूचना आयोग की नाशिक खंडपीठ के समक्ष हजारों की संख्या में द्वितीय अपीले दायर की थीं।
निंबालकर ने तीन वर्षों के कार्यकाल में अहमदनगर, नाशिक, धुले, जलगांव और नंदुरबार जिलों के लगभग सभी तहसीलों से लेकर जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में आरटीआई के तहत आवेदन डालकर विभिन्न प्रकार की सूचनाएं मांगी थीं।
मांगी गई सूचनाएं पुरानी और विस्तृत स्वरूप की थीं। इसके अलावा एक ही सूचना के लिए एक से अधिक बार अलग-अलग आवेदन दायर किए गए। जब जनसूचना अधिकारी से सूचना नहीं मिली, तो निंबालकर ने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर कर दी।
एक ही प्रकार की सूचना के लिए सैकड़ों आवेदन:
  • राज्य सूचना आयुक्त भूपेंद्र गुरव के समक्ष हाल ही में इन अपीलों की सुनवाई हुई। सुनवाई में पत्ता चला कि एक ही प्रकार की सूचना के लिए सैकड़ों आवेदन किए गए, जिससे कर्मचारियों का काफी समय बर्बाद हुआ।
  • कुछ सूचनाएं तैयार थी, लेकिन शुल्क भरकर उन्हें लेने के बजाय निंबालकर ने उन्हें नहीं लिया और सीधे आयोग में अपील दायर कर दी। आयोग ने इसे व्यवस्था के दुरुपयोग के रूप में देखते हुए गंभीर संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि भविष्य में ऐसा कोई मामला सामने आने पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
  • वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा लाए गए इस कानून का दुधारी तलवार की तरह इस्तेमाल हो रहा है, जिससे इसमे सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।