Monday, January 29, 2018

सरकारी धन के दुरुपयोग पर अंकुश का कारगर हथियार है अरटीआइ

दैनिक जागरण: गुरुग्राम: Monday, January 29, 2018.
रविवार को अतुल कटारिया चौक के समीप जन अभियान मंच द्वारा उत्तर भारत आरटीआइ (सूचना का अधिकार अधिनियम) व सोशल एक्टिविस्ट सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए संयोजक पीपी कपूर ने कहा कि आरटीआइ किसी भी नागरिक को न्याय दिलाने व सरकारी धन के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने का सबसे बड़ा हथियार है।
जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं अधिकारी:
सम्मेलन में शहर की आरटीआइ कार्यकर्ता डॉ. अंजू रावत ने कहा कि एक्ट के लागू होने के 12 साल बाद भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को ठीक तरीके से नहीं निभा रहे हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिक को भुगतना पड़ता है। उन्होंने आरटीआइ कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले को रोकने व उनकी रक्षा के लिए ठोस कानून की जरूरत बताई।
सवाल पूछने के लिए दिमाग नहीं आत्मा लगाएं:
साढ़े आठ हजार से ज्यादा आरटीआइ आवेदन कर विभिन्न विभागों में व्याप्त घोटालों को उजागर कर चुके हरींद्र धींगरा ने आरटीआइ की सीमाओं व क्षमताओं पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने के पीछे सिर्फ दिमाग ही नहीं बल्कि आत्मा भी लगानी होगी।
विभिन्न मांगों पर एकजुट हुए कार्यकर्ता:
बढ़ते भ्रष्टाचार पर लगाम, कार्यकर्ताओं पर हमले की ¨नदा, आरटीआइ एक्ट सही से लागू नहीं करने, शासन व प्रशासन में पारदर्शिता एवं जवाब देही लागू करने, लोकायुक्त को सशक्त बनाने जैसे मुद्दों पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई। सम्मेलन में कश्मीर से सिरसुद्दीन इस्लाम, शिमला से फतेह ¨सह डागर, अंबाला से डॉ. पवन आर्य व साइबर सिटी से महेंद्र चावला, ¨रद्र ढ़ीगरा, टीके शर्मा, जेबी हुड्डा, पवन बंसल, राव धनवीर ¨सह, रितुराज समेत कई समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।