नवभारत
टाइम्स: लखनऊ: Friday, 17 April 2015.
सहारनपुर
में अब प्रदूषण फैलाने वालों की खैर नहीं,
क्योंकि अब जिम्मेदार
अफसरों और इकाइयों पर आरटीआई का डंडा चलने वाला है। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज
उस्मान ने सहारनपुर मंडलायुक्त को जांच करवाकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का
आदेश दिया। वहीं, प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों
को शहर से बाहर करने का आदेश दिया है। आयोग के नोटिसों के बाद भी सूचना न देने
वाले एसडीए के अधिशासी अभियंता पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह
है मामला
लकड़ी
के काम के लिए मशहूर सहारनपुर शहर की अधिकांश फुटपाथों पर अवैध कब्जे हैं। फुटपाथ
पर लकड़ी के कारोबारियों ने छोटी आरा मशीनें,
बफिंग मशीनें और रंदा
मशीनें लगा रखी हैं। इन मशीनों से उड़ने वाला महीन बुरादा और उनकी आवाज शहर के
लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। दिन में बिजली की आपूर्ति न होने के कारण
ये मशीनें रात में चलती हैं,
जिसके सड़क के आस-पास
रहने वालों की रातों की नींद भी उड़ जाती है। इसको लेकर कई बार आंदोलन हुए, लेकिन लोगों को सफलता नहीं मिली। पिछले साल सहारनपुर
की रफत जहां ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण और सहारनपुर
नगर निगम से फुटपाथों पर अतिक्रमण और प्रदूषण की जांच और कार्रवाई की जानकारी
मांगी।
नहीं
मिली जानकारी
सूचनाओं
के लिए रफत जहां ने जिले से लेकर मंडल स्तर तक के अधिकारियों के यहां चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं मिली। आखिरकार दिसंबर में
रफत जहां ने सूचना आयोग में अपील की। आयोग के नोटिस पर सक्रिय हुए प्रदूषण
नियंत्रण बोर्ड ने आनन-फानन में जांच करवाई,
तो पाया कि शहर में
ध्वनि के साथ वायु प्रदूषण मानकों से कहीं ज्यादा हैं। इस पर उन्होंने इन इकाइयों
को नोटिस जारी कर दिया। नगर निगम ने भी आयोग को अश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ
कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने आयोग के नोटिस का
जवाब तक देना मुनासिब नहीं समझा। आयोग ने एसडीए के जनसूचना अधिकारी (अधिशासी
अभियंता) को जवाब के साथ तलब किया,
लेकिन न तो उनका कोई
जवाब आया और न ही आयोग में उपस्थित हुए।
मंडलायुक्त
को दिए जांच के आदेश
राज्य
सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट गंभीर
है। आयोग के आदेश की अवहेलना करने पर एसडीए के जनसूचना अधिकारी पर आयोग द्वारा
पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही प्रदूषण से फैल रही गंभीर
बीमारियों को देखते हुए उन्होंने सहारनपुर मंडलायुक्त को पूरे मामले की जांच के
आदेश दिए हैं। आयोग ने मंडलायुक्त को आदेश दिया कि वह पूरे मामले की जांच करवाकर
अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करें और प्रदूषण फैला रही इन इकाइयों को शहर से बाहर
स्थापित करवाने की व्यवस्था करें। साथ ही तीस दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट के साथ
कार्रवाई की जानकारी आयोग को भेजने के आदेश भी दिए गए हैं।