Patrika:
Durg: Tuesday, 07 April 2015.
सूचना
का अधिकार अधिनियम के आवेदन का निराकरण न करने पर राज्य सूचना आयोग ने जनपद पंचायत
दुर्ग के सीईओ देवेंद्र कौशिक और संबंधित ग्राम पंचायत के जनसूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपए जुर्माना प्रस्तावित कर नोटिस जारी किया
है। नोटिस का जवाब तीस दिन के भीतर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
चेतावनी
के साथ तीस दिन के भीतर आवेदनकर्ता को चाही गई जानकारी नि:शुल्क उपलब्ध कराने का
निर्देश भी दिया है। ग्राम पंचायत समोदा निवासी विनायक ताम्रकार ने सितंबर 2013 में ग्राम पंचायत समोदा में रेत की रायल्टी वसूली
में गड़बड़ी की आशंका पर वर्ष 2006
-07 से 2012-13 तक की वार्षिक लेखा पंजी की सत्यापित जानकारी सूचना
के अधिकार के तहत मांगी थी। जनपद पंचायत के अधिकारियों ने तब नियमानुसार आवेदन
नहीं करने का हवाला देकर जानकारी देने से इंकार कर दिया। प्रथम अपील भी इसी आधार
पर खारिज हो गई। इस पर विनायक
ने
राज्य सूचना आयोग में अपील की।
इस
चूक पर सीईओ ने नहीं की कार्रवाई
आवेदनकर्ता
ने संबंधित पंचायत के सचिव अथवा जनपद पंचायत के जनसूचना अधिकारी के बजाए एक अन्य
कर्मचारी के नाम से सूचना का अधिकार का आवेदन लगा दिया था। इसके चलते सीईओ ने
आवेदन पर कार्रवाई नहीं की। राज्य सूचना आयुक्त ने अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि
नियमानुसार उक्त आवेदन सीईओ को 5
दिन के भीतर संबंधित
पंचायत के सचिव को अंतरित किया जाना था।