दैनिक
जागरण: नई
दिल्ली: Friday, 13 February 2015.
कांग्रेस
अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नोटिस का जवाब देने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग (सीआइसी)
से चार सप्ताह का समय मांगा है। सीआइसी ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सभी राष्ट्रीय
दलों को सार्वजनिक संस्था करार देते हुए उन्हें आरटीआइ कानून के प्रति जवाबदेह
बताया था। आयोग ने इस आदेश का पालन नहीं करने पर सोनिया गांधी को नोटिस दिया था।
सोनिया
ने दिल्ली चुनाव में व्यस्तता का हवाला देते हुए सीआइसी को बताया कि तमाम प्रयासों
के बावजूद वह निर्धारित तिथि के अंदर जवाब तैयार नहीं कर सकीं। कांग्रेस अध्यक्ष
के मुताबिक आयोग की नोटिस पर कानूनी राय ली जा रही है, ऐसे में जवाब तैयार करने में चार सप्ताह का वक्त लग
सकता है।
राष्ट्रीय
दलों के आरटीआइ कानून के दायरे में होने के सीआइसी के फैसले के बाद आरके जैन ने
पिछले साल फरवरी में कांग्रेस पार्टी में सूचना के अधिकार कानून के तहत आवेदन देकर
जानकारी मांगी थी , लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया।
इसके बाद जैन ने सीआइसी में इसकी शिकायत की। यहां से भी राहत नहीं मिलने पर
उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।
हाई
कोर्ट ने जैन के आवेदन पर कार्रवाई के लिए सीआइसी को छह महीने के वक्त दिया था।
सूचना आयोग ने कांग्रेस को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के अंदर जैन की अर्जी पर जवाब
नहीं देने का कारण पूछा था। अब सोनिया गांधी ने आयोग से चार सप्ताह का समय मांगा
है।
एक अन्य मामले में आरटीआइ कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल की
अर्जी पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और बाकी के चार राष्ट्रीय दलों के प्रमुखों को भी
नोटिस जारी किया गया है। सीआइसी सभी राष्ट्रीय दलों भाजपा, कांग्रेस, भाकपा, माकपा, राकांपा
और बसपा को सार्वजनिक संस्था घोषित कर चुका है।