Rajasthan
Patrika: Jodhpur: Saturday, 21 February 2015.
एक
तो समय पर सूचना नहीं देना,
ऊपर से सूचना उपलब्ध
करवाने के नाम पर आवेदक को 1.12 लाख रुपए जमा करवाने को कहना।
मामला सामने आया है जिले की बावड़ी पंचायत समिति के तापू-खिन्दाकौर ग्राम पंचायत
में। कंवर जी की खेजड़ी गांव के निवासी महिपाल विश्नोई ने 22 सितम्बर 2014 को बावड़ी प्रधान के यहां पर
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत पंचायत समिति बावड़ी के वार्ड संख्या 17 से सम्बन्धित सूचना मांगी।
इसमें
विभिन्न योजनाओं में स्वीकृत व खर्च होने वाली राशि का ब्यौरा एवं बैठकों से जुड़ी
जानकारियां मांगी। बावड़ी के तत्कालीन विकास अधिकारी सुखराम विश्नोई ने ग्राम
पंचायत तापू खिन्दाकौर को पत्र लिखते हुए आवेदक को सूचना उपलब्ध करवाने के निर्देश
दिए, लेकिन तत्कालीन ग्रामसेवक
गिरधारी राम ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वर्तमान बीडीओ सविता टी ने भी
ग्रामसेवक को तत्काल सूचना देने के लिए पाबंद किया।
इसके
बाद भी सूचना नहीं मिली तो थक-हारकर आवेदक ने लोक सूचना अधिकारी ग्रामसेवक ग्राम
पंचायत तापू के यहां पर भी 15 अक्टबूर 2014 को आवेदन किया। इसके बाद 26 दिसम्बर 2014 को महिपाल विश्नोई को
ग्रामसेवक की ओर से एक डाक पत्र प्राप्त हुआ। इसमें सूचना प्राप्त करने के लिए 1.12 लाख रुपए की राशि जमा करवाने के लिए कहा गया।
नियमानुसार
आरटीआई में राशि जमा करवाने से पहले यह बताना जरूरी होता है कि दस्तावेजों की
कितनी फोटो प्रति के लिए कितनी राशि जमा करवानी है। इस मामले में राशि तो बता दी
लेकिन फोटो प्रति की संख्या नहीं बताई गई। आवेदक को ग्रामसेवक की ओर से भेजे गए
डाक पत्र पर
12 दिसम्बर 2014 अंकित है जबकि लिफाफे के अन्दर डाले पत्र पर 26 नवम्बर 2014 लिखा गया है।
निशुल्क
मिलनी थी सूचना
आरटीआई
एक्ट के अनुसार आवेदन करने से तीस दिनों के भीतर यदि आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं
करवाई जाती है तो इसके बाद आवेदक निशुल्क सूचना पाने का हकदार है। इस मामले में
आवेदन करने के 90 दिन बाद सूचना उपलब्ध करवाने
के लिए 1.12 लाख रुपए की राशि मांगी गई
है। इस संबंध में जब बावड़ी बीडीओ सविता टी से बात करनी चाही तो उन्होंने कहा कि
उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
मुझे
नहीं पता क्या हुआ
मैंने
कुछ दिनों पहले ही कार्यभार ग्रहण किया है। मामला पुराना है देखना पड़ेगा। आवेदक
को चाहिए कि वे ग्राम पंचायत में आकर मुझ से सम्पर्क करें। नियमानुसार कार्यवाही
की जाएगी। सिद्धार्थ पारीक, ग्रामसेवक तापू/खिन्दाखौर
लापरवाही
बर्दाश्त नहीं
सूचना
नहीं देना गम्भीर अपराध है। इस बारे में बीडीओ और ग्रामसेवक से बात की जाएगी। अरुण
कुमार पुरोहित, सीईओ जिला परिषद.