पंजाब
केसरी: नई
दिल्ली: Monday, 15 December 2014.
केंद्रीय
सूचना आयोग (सीआईसी) ने केंद्र से सिफारिश की है कि आर.टी.आई. अधिनियम के तहत
सूचना मांगने वाले आवेदकों से शुल्क के रूप में साधारण डाक टिकट भी लिए जा सकते
हैं। यदि केंद्र सरकार इस सिफारिश को स्वीकार कर लेती है तो इससे आर.टी.आई.
आवेदकों को शुल्क जमा करने में काफी आसानी हो सकती है ।
दो
सूचना आयुक्तों ने दो अलग-अलग मामलों 'आरके जैन और रघुबीर सिंह' में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग से आर.टी.आई. शुल्क
के रूप में डाक टिकट व्यवस्था कार्यान्वित करने की सिफारिश की है ।
आर.टी.आई.
आवेदकों को फिलहाल 10 रुपए की राशि या तो नकद, या बैंक के डिमांड ड्राफ्ट या भारतीय पोस्टल ऑर्डर के
जरिए जमा करनी होती है। सेना और भारतीय वायु सेना जैसे कुछ अभिकरण कार्मिक एवं
प्रशिक्षण विभाग के निर्देशों के बावजूद एकाउंट्स अफसर के नाम से देय राशि पर
आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर देते हैं जिससे आवेदकों को दिक्कत पेश आती है ।
सूचना
आयुक्त बसंत सेठ ने कार्यकर्ता आर.के. जैन के मामले में कहा, ‘‘अपीलकर्ता ने आर.टी.आई. शुल्क के रूप में साधारण डाक
टिकटों के इस्तेमाल की डाक विभाग की सिफारिश जमा की है जो व्यावहारिक और
प्रयोगकर्ता के अनुकूल दोनों है ।’’
सेठ
से सहमत होते हुए सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलू ने भी आर.टी.आई. शुल्क के भुगतान
के संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सिफारिश करते हुए मुद्दे पर विस्तृत
आदेश जारी किया ।
उन्होंने
कहा कि आर.टी.आई. शुल्क के रूप में डाक टिकटों को स्वीकार किए जाने से भुगतान में
आने वाली बहुत सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इससे पोस्टल ऑर्डर लौटाने या इसे
स्वीकार नहीं करने के कारण र्सावजनिक धन के बेकार जाने पर रोक लगेगी और अपीलकर्ता
को 10 रुपए से ज्यादा राशि खर्च
नहीं करनी पड़ेगी ।
मामला
आवेदक रघुबीर सिंह से जुड़ा है जिनका आवेदन एक साल पहले इस आधार पर खारिज कर दिया
गया था कि यह शिक्षा निदेशालय,
दिल्ली सरकार द्वारा
नियुक्त अधिकारी के पक्ष में देय नहीं है ।