Friday, November 14, 2014

आरटीआई जवाब के खिलाफ पहली अपील पर सुनवाई जरूरी

Nai Dunia: New Delhi: Friday, 14 November 2014.
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने अपने एक आदेश में कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जवाब के खिलाफ अपीलकर्ता की पहली अपील पर उसका पक्ष सुने बगैर अधिकारी द्वारा निर्णय लेना गैरकानूनी है। सीआईसी ने यह फैसला कानून मंत्रालय के आदेश के खिलाफ दिया है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अपीलकर्ता जनसूचना अधिकारी (सीपीआईओ) के आदेश के खिलाफ दो बार अपील कर सकता है। जनसूचना अधिकारी द्वारा आरटीआई के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी से असंतुष्ट होने पर अपीलकर्ता उसके वरिष्ठ अधिकारी के पास पहली अपील दाखिल कर सकता है। जबकि दूसरी अपील वह केंद्रीय सूचना आयोग के पास कर सकता है।
यह आम बात है कि अपीलकर्ता की पहली अपील पर सरकारी अधिकारी आवेदकों को सुनवाई के लिए आमंत्रित नहीं करते, बल्कि उसके द्वारा दायर अपील के आधार पर मामले का फैसला करते हैं। सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु का यह आदेश अपीलकर्ता की पहली अपील पर बिना उसका पक्ष जाने निर्णय लेने की प्रथा को समाप्त करेगा। पूरा मामला सामाजिक कार्यकर्ता आरके जैन का कानून मंत्रालय में विभिन्न आवेदनों से जुड़ा है।