Monday, November 10, 2014

बीते 5 सालों में तेल कंपनियों को हुआ 5.63 लाख करोड़ का घाटा: RTI

Shri News: New Delhi: Monday, 10 November 2014.
पिछले पांच साल के दौरान वास्तविक लागत से कम कीमत पर पेट्रोलियम पदार्थों की ब्रिकी से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को 5.63 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, जिसमें से आधे से अधिक नुकसान की भरपाई सरकार ने नकद सहायता देकर की है. विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल के दाम बाजार के हवाले कर दिए जाने के बाद अब स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने निजी क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए कोई मुआवजा या सब्सिडी नहीं दी है.
सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक कम दाम पर पेट्रोलियम पदार्थों की ब्रिकी से तेल कंपनियों को पांच साल में 5.63 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई के लिए सरकार ने 3.21 लाख करोड़ रुपए की नकद सहायता दी है, तो तेल उत्खनन एवं उत्पादन कंपनियों ने कच्चे तेल की सस्ते दाम पर बिक्री कर 2.27 लाख करोड़ रुपए का योगदान किया है.
मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने पांच वर्ष की अवधि में इस समूचे नुकसान में से 15,660 करोड़ रुपए ही खुद वहन किए. तेल विपणन कंपनियों ने 2009-10 में कुल नुकसान का 12 प्रतिशत वहन किया है, जबकि 2010-11 में यह 9 प्रतिशत 2011-12 में 0.3 प्रतिशत, 2012-13 और 2013-14 में एक-एक प्रतिशत रहा है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अब जबकि सरकार ने 18 अक्टूबर को डीजल को नियंत्रण मुक्त कर बाजार पर छोड़ दिया है, ऐसे में इस वित्त वर्ष के दौरान स्थिति में सुधार की उम्मीद है. अब केवल घरेलू रसोई गैस और राशन में बिकने वाले किरासन तेल पर ही सब्सिडी की भरपाई करनी होगी.