दैनिक
जागरण: बाराबंकी: Sunday, 10 August 2014.
सूचना
आयुक्त स्वदेश कुमार ने शनिवार को यहां कहा कि सूचना आयोग के आयुक्त अब जिलों में
भी जाकर अदालतें लगाकर सुनवाई करेंगे। आयोग के सभी मुकदमे हाईकोर्ट की तर्ज पर
आनलाइन होंगे। इसके लिए आयोग ने उत्तर प्रदेश शासन को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी
मिलते ही अमल शुरू हो जाएगा।
स्वदेश
स्थानीय डीआरडीए सभागार में सूचना अधिकारियों व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के साथ
सूचना के अधिकार की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने
कहा कि आयोग ने बाराबंकी के 76 अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया
है जबकि 2010 में यहां तैनात रहे तत्कालीन
जिला विद्यालय निरीक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने
बताया कि जल्द ही आयोग ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि अपना मुकदमा नंबर डालकर कोई
भी व्यक्ति आयोग में चल रहे मुकदमे की प्रगति, उसकी
तारीख, निर्णय जान सकेगा। इसका
प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बाराबंकी के 561
मामले आयोग में लंबित
हैं जिनमें से सर्वाधिक 276
मामले ग्रामीण विकास से
संबंधित हैं। 106 मामले राजस्व के हैं। उन्होंने
जन सूचना अधिकारियों को सलाह दी कि वे सूचना के अधिकार का अध्ययन करें और इसके
अनुरूप आचरण कर सूचना उपलब्ध कराएं। प्रयास किया जाए कि आयोग तक कोई भी मुकदमा न
पहुंचे। जिला स्तर पर ही सूचना मांगने वाले को संतुष्ट किया जाए। हर व्यक्ति को 30 दिन के अंदर सूचना पाने का अधिकार है। उन्होंने
जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि जिन लोगों पर अर्थदंड लगाया गया है उनसे तुरंत
वसूली सुनिश्चित करें। ऐसी सूची आयोग प्रत्येक माह की एक से तीन तारीख तक
जिलाधिकारियों को भेज रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ऐसी भी व्यवस्था करने जा रहा
है जिसमें एसएमएस के जरिए भी लोगों को सूचना दी जा सकेगी। सूचना आयुक्त ने कहा कि
सूचना आयोग के पास असीमित अधिकार हैं। सूचना न देने वाले अधिकारी अब अपनी
जिम्मेदारी से बच नहीं सकेंगे। उन्होंने लंबित मामलों के बढ़ने पर चिंता जताई।
जिलाधिकारी से कहा कि जन सूचना से संबंधित मामलों की पैरवी के लिए ऐसे अधिकारियों
के पास भेजा जाना चाहिए जिनके पास संपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो। बैठक में जिलाधिकारी
योगेश्वर राम मिश्र, पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद, अपर जिलाधिकारी प्रेम प्रकाश पाल, अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, जिला विकास अधिकारी एके सिंह सहित सभी उप जिलाधिकारी
व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।