Patrika: Ganganagar: Friday, May 09, 2014.
पत्रकार
नागरिक की श्रेणी में नहीं आते हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला चिकित्सालय के लोक
सूचना अधिकारी से आरटीआई (सूचना के अधिकार का कानून) के तहत जानकारी मांगने पर
जबाव तो यही है। इसके पीछे कानून की धारा 3
का हवाला दिया जा रहा
है। हनुमानगढ़ टाउन स्थित राजकीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी कार्यालय
के लोक सूचना अधिकारी ने सूचना मांगने वाले पत्रकार अजयपाल मित्तल के आवेदन को
निस्तारित करने की लिखित जानकारी देते पत्र में लिखा है कि अधिनियम की धारा 3 के अनुसार पत्रकार को नागरिक नहीं माना गया है। अत:
मेरी विनम्र राय में आप नागरिक की श्रेणी में नहीं आते हैं"। चूंकि सूचना का
अधिकारी नागरिकों को ही है,
ऎसे में जवाब भी नहीं
दिया जा सकता। मित्तल ने 26
मार्च को दुर्घटना से
संबंधित मरीजों के बारे में कई सूचनाएं मांगी थी। आवेदक मित्तल का कहना है कि लोक
सूचना अधिकारी अपेक्षित सूचना देते या नहीं,
यह अलग बात है लेकिन
उन्होंने तो यह यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है कि पत्रकार नागरिक होते हैं या नहीं।
वे राष्ट्रपति को पत्र लिख कर उचित कार्रवाई का आग्रह करेंगे। सामान्य नागरिक की
हैसियत से कोई भी व्यक्ति सूचना मांग सकता है, लेकिन
पत्रकार होने के नाते उसे जानकारी दी जानी चाहिए, इसका
कानून में कहीं उल्लेख नहीं है। ऎसे में उसे सूचनाएं देना जरूरी नहीं है।
-डॉ. जसपाल सिंह बड़पग्गा
लोकसूचना
अधिकारी,
हनुमानगढ़
जिला चिकित्सालय.