नवभारत टाइम्स: नई
दिल्ली: Monday, September 23,
2013.
तख्तापलट
के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आर्मी प्रमुख जनरल वी.के.सिंह अब इस मामले में
आरटीआई(सूचना का अधिकार कानून) को अपना हथियार बनाने वाले हैं।
पूर्व
सेना प्रमुख टेक्निकल सपोर्ट डिविजन(टीडीएस) के बारे में सेना की उस रिपोर्ट की
कॉपी हासिल करने के लिए सोमवार को आरटीआई का इस्तेमाल करेंगे, जिसमें दावा किया गया है कि उन्होंने अपने कार्यकाल
में जम्मू कश्मीर सरकार गिराने की कोशिश की।
उनके
वकील विश्वजीत सिंह ने यह जानकारी दी। विश्वजीत सिंह ने रविवार को कहा, 'हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि रिपोर्ट के सच को
सामने लाने का यही एकमात्र उपाय है। इसलिए हम सोमवार को एक आरटीआई अर्जी देंगे।'
उन्होंने
कहा, 'यदि उन्होंने हमारी अर्जी को
नामंजूर किया, तो हम यह देखेंगे कि आगे क्या
किया जा सकता है।'
गौरतलब
है कि इन आरोपों पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूर्व सेना प्रमुख ने रविवार को कहा था, 'मुझ पर पहले भारत सरकार को गिराने के आरोप लगे थे। अब
जम्मू कश्मीर सरकार को गिराने के आरोप लग रहे हैं। मुझे इन सब आरोपों पर हंसी आती
है। मुझे लगता है कि मुझे एक विज्ञापन लगा लेना चाहिए- गवर्नमेंट गिरानी है तो
मुझसे कॉन्टेक्ट करें।'
क्या
है पूरा मामला?
सेना
ने रक्षा मंत्रालय से जनरल वी. के. सिंह द्वारा बनाई गई 'सिक्रीट इंटेलिजेंस यूनिट' की ऐक्टिविटीज़ की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने का
आग्रह किया है। सेना को शक है कि इस यूनिट ने 'अनऑथराइज्ड
ऐक्टिविटीज़' और फाइनैंशल गड़बड़ियां की
हैं।
सूत्रों
के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सीनियर
ऑफिसरों की अवैध तरीके से फोन टैपिंग करने के आरोपी 'टेक्निकल सपोर्ट डिविजन(टीडीएस)' के बारे में सेना की रिपोर्ट हाल में रक्षा मंत्रालय
को सौंपी गई है। इस रिपोर्ट में सिक्रीट इंटेलिजेंस यूनिट की गतिविधियों पर शक
जाहिर किया गया है।