Sahara Samay: New Delhi: Monday, September 23, 2013.
संसदीय
समिति ने आरटीआई संशोधन विधेयक पर जनता के सुझाव मांगे हैं. इस संशोधन का मकसद
राजनीतिक दलों को सूचना प्रदान करने से मुक्त करना है.
सूचना
का अधिकार (संशोधन) विधेयक 2013 को कार्मिक, लोक
शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री वी नारायणसामी द्वारा 12
अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था. यह राज्यसभा के सांसद शांताराम नाइक के
नेतृत्व वाली कार्मिक, लोक शिकायत, कानून
एवं न्याय संबंधी संसदीय स्थायी समिति को भेज दिया गया है.
इस
विधेयक में कानून में संशोधन का प्रावधान है ताकि राजनीतिक दलों को आरटीआई के
दायरे से बाहर किया जाए. इस संशोधन का मकसद केन्द्रीय सूचना आयोग के 3
जून 2013 के उस आदेश के प्रतिकूल प्रभाव को भी समाप्त करना है, जिसमें
कहा गया था कि छह राजनीतिक दल पारदर्शिता कानून के तहत लोक प्राधिकरण हैं.
समिति
ने एक विज्ञापन में यह जानकारी देते हुए इस संबंध में जनता की राय मांगी है.
समिति
ने इस संबंध में व्यक्तियों अथवा संस्थाओं को अपनी राय देने को कहा है. समिति इस
बारे में संबद्ध पक्षों का मौखिक बयान भी सुनेगी.
केन्द्रीय
मंत्रिमंडल ने आरटीआई कानून में संशोधन के प्रस्ताव को पिछले महीने मंजूरी दी थी.
केन्द्रीय सूचना आयोग ने जिन छह राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में
लाने का आदेश दिया है उनमें कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, माकपा, भाकपा
और बसपा शामिल हैं.
