Thursday, April 28, 2011

राहुल ने स्वास्थ्य मिशन से हिसाब मांगा.

बीबीसी हिन्दी ; रामदत्त त्रिपाठी; लखनऊ; Thursday, 28 Apr 2011,
बुधवार को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी अपने लोक सभा क्षेत्र अमेठी के दौरे से लौटते समय अचानक लखनऊ में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यालय पहुंच गए. उन्होंने पिछले पांच साल में इस मद में केंद्र सरकार से उत्तर प्रदेश को मिले धन का हिसाब माँगा.
राहुल गांधी ने स्वास्थ्य मिशन कार्यालय से कई जानकारियाँ मांगी. इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी की ओर से जन सूचना अधिकार क़ानून के तहत पिछले पांच सालों में प्राप्त धन और ख़र्च का जिलेवार हिसाब भी माँगा गया.
ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में जननी सुरक्षा,रोगी कल्याण, दवाओं की खरीद, ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता और प्रचार- प्रसार के लिए बड़े पैमाने पर रुपया आता है.
पिछले वर्ष इस योजना में उत्तर प्रदेश को 1800 करोड़ रूपए मिले थे. राहुल गांधी लगभग आधा घंटे कार्यालय में रहे. इस बीच बड़ी संख्या में पत्रकार और लोग वहाँ पहुँच गए.
चलते चलते पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा , " उत्तर प्रदेश में ग्रामीण स्वास्थय मिशन कार्यक्रम में मिलने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है. इसीलिए मैं यहाँ आया हूँ और जन सूचना अधिकार क़नून के तहत जानकारी भी मांगी गई है."
घोटाला:
उत्तर प्रदेश सरकार खुद मान चुकी है कि इस इस योजना में प्राप्त धन में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है.
माना जाता है कि इसी घोटाले के चलते उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों में ऊँचे पदों पर रहे पांच बड़े डॉक्टरों की हत्या हो चुकी है.
हाल ही में लखनऊ में परिवार कल्याण के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर बीपी सिंह की हत्या इसी की कड़ी है.
हत्याकांड के चलते मुख्यमंत्री मायावती ने अपने दो कैबिनेट मंत्रियों से त्यागपत्र लिया था और विभागीय प्रमुख सचिव का तबादला कर दिया था.
डॉक्टर बीपी सिंह की ह्त्या के बारे में पूछने पर राहुल गाँधी ने कहा , "यही चिंता है. यहाँ धन का गबन हो रहा है. इसलिए हम जानना चाहते हैं कि पैसा कहां जा रहा है और उसका क्या हो रहा है."
बाद में राहुल गांधी डॉक्टर बीपी सिंह के घर गए और परिवार वालों को सांत्वना दी. परिवार के लोगों ने हत्याकांड की सीबीआई जाँच की मांग दोहराई.
राहुल गांधी ने कहा कि अगर राज्य सरकार इसकी संस्तुति करती है तो वह केंद्र से सीबीआई जांच मंजूर कराने में मदद करेंगे.