दैनिक भास्कर ; शनिवार,25 दिसम्बर, 2010,
पणजी। क्रिसमस के अवसर पर गोवा के राज्यपाल एस.एस. सिद्धू को तोहफे में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून की प्रति दी गई है।
दरअसल, एक सामाजिक कार्यकर्ता आयर्स रॉड्रिग्स ने सिद्धू से सूचना का अधिकार कानून के तहत कुछ जानकारी मांगी थी। सिद्धू के यह जानकारी न देने पर गोवा राज्य सूचना आयोग (जीएसआईसी) ने बुधवार को उन्हें एक सम्मन भेजा था। जिसके बाद शनिवार को उन्हें फीते में लिपटा यह अनोखा तोहफा दिया गया।
आयर्स ने कहा, "मैंने उन्हें आरटीआई कानून 2005 की एक प्रति भेजी है। नए साल में गोवा के लोग चाहेंगे कि सिद्धू राजभवन की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने के साथ सूचना का अधिकार कानून के प्रावधानों का भी पालन करें।" उन्होंने बताया कि राजभवन ने आधिकारिक तौर पर यह प्रति ग्रहण कर ली है।
गोवा राज्य सूचना आयोग (जीएसआईसी) की रजिस्ट्रार मीना नाइक कोलटेकर ने सिद्धू को एक सम्मन जारी कर उन्हें चार जनवरी को सुबह 10 बजे एक याचिका की सुनवाई के दौरान मौजूद रहने के लिए कहा है।
गौरतलब है कि आयर्स ने राजभवन में आरटीआई कानून के तहत एक आवेदन किया था। राज्यपाल के विशेष सचिव एन. राधाकृष्णन ने इस आवेदन को यह कहकर अस्वीकार कर दिया था कि राज्यपाल का कार्यालय सार्वजनिक निकाय नहीं है इसलिए वह आरटीआई कानून के दायरे में नहीं आता। इसके बाद आयर्स ने जीएसआईसी में एक याचिका दायर की थी।
आयर्स ने 28 नवंबर को दिए अपने आरटीआई आवेदन में यह जानना चाहा था कि उन्होंने राज्य के एडवोकेट जनरल सुबोध कंटक के खिलाफ राज्यपाल के समक्ष जो शिकायतें दर्ज कराई थीं उन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
