नवभारत टाइम्स: चेन्नै: Monday, April 15, 2013.
राजीव
गांधी की हत्याकांड में मौत की सजा पाए एजी पेरारीवलन ने आरटीआई के जरिए जानकारी
मांगी है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने उसकी दया याचिका क्यों ठुकरा दी
थी। पेरारीवलन ने राष्ट्रपति भवन और गृह मंत्रालय से इस बारे में जवाब मांगा है।
अब इस सिलसिले में सेंट्रल इन्फर्मेशन कमिश्नर सत्यानंद मिश्रा आज विडियो
कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेरारीवलन से बात करेंगे।
42 साल के पेरारीवलन ने आरटीआई
दाखिल करके गृह मंत्रालय से पूछा है कि किस आधार पर उसकी दया याचिका को ठुकराया
गया। वह जानना चाहता है कि ऐसी कौन सी वजहें और तथ्य रहे, जिनके आधार पर होम मिनिस्ट्री ने दया याचिका को
स्वीकार न करते हुए खारिज कर दिया। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अगस्त, 2011 में पेरारीवलन की दया याचिका को अस्वीकार कर दिया
था।
अगस्त
2011 के बाद से पेरारीवलन ने गृह
मंत्रालय को कई बार चिट्ठी लिखी और सवाल पूछे। उसने पूछा कि राष्ट्रपति ने किन
बातों को आधार मानते हुए उसे रहम के लायक नहीं समझा, लेकिन
इन याचिकाओं को अधिकारियों ने ब्लॉक कर दिया। ऐसे में पेरारीवलन ने 3 महीने पहले चीफ इन्फर्मेशन कमिश्नर को लेटर भेजा और
आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी।
पेरारीवलन
के वकील राजीव रुफुस ने बताया,
'पेरारीवलन ने चीफ
इन्फर्मेशन कमिश्नर को भेजी अपील में लिखा कि होम मिनिस्ट्री के ऑफिशल भी मानते
हैं कि राजीव गांधी हत्याकांड में मेरी भूमिका की सही से जांच नहीं की गई। ऐसे में
मैं जानना चाहता हूं कि मेरी दया याचिका को किस आधार पर ठुकराया गया।'
सेंट्रल
इन्फर्मेशन कमिशन के ऑफिशल्स के मुताबिक यह पहला मौका है, जब CIC
मौत की सजा पाए किसी
कैदी के साथ इस तरह की सुनवाई करेंगे। जेल ऑफिशल्स ने सेंट्रल इन्फर्मेशन कमिश्नर
की तरफ से नोटिफिकेशन मिलने के बाद विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के इंतजाम पूरे कर लिए
हैं। राइट टु इन्फर्मेशन के तहत अब 30 दिन के अंदर पेरारीवलन को
उसके सवालों का जवाब दिया जाना होगा।
21 मई, 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले
में कोर्ट ने साल 1999 में 3 लोगों-पेरारीवलन, मुर्गन
और संथान को फांसी की सजा सुनाई थी। पेरारीवलन को राजीव गांधी की हत्या की साजिश
में शामिल रहने का दोषी माना गया है। पेरारीवलन पर आरोप था कि उसने मुख्य
साजिशकर्ता सिवारासन को 9 वोल्ट की बैटरी लाकर दी थी, जो बम में इस्तेमाल की गई थी। जिस वक्त पेरारीवलन को
इस केस में अरेस्ट किया गया था,
उस वक्त उसकी उम्र 20 साल थी।